प्रातिभ

सोमवार, 1 जनवरी 2018

विवेक भटनागर की ग़ज़ल


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लेबल: ग़ज़ल, विवेक भटनागर, शायरी, ghazal, vivekbhatnagar
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विवेक भटनागर
पेशे से पत्रकार, हृदय और बुद्धि से कवि और स्वभाव से कथाकार... जो हूं, सो हूं...।
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